
हिमाचल प्रदेश में शहरी निकाय चुनाव में 47 नगर परिषदों और नगर पंचायतों का मिलाजुला परिणाम रहा। इनमें से 21 शहरी निकायों में भाजपा समर्थित, जबकि 19 में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी बहुमत में जीते हैं। सात निकाय ऐसे रहे जहां किसी भी दल (समर्थित पार्षद) को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया। यहां अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर गठजोड़ करने वाले बाजी मारेंगे। नारकंडा नगर पंचायत में पहले ही सभी पार्षद (कांग्रेस समर्थित) निर्विरोध चुने गए हैं। कई निकायों में किसी भी दल से नहीं जुड़े पार्षदों के हाथ में सत्ता की चाबी रहेगी। ऊना जिला के छह में से पांच नगर निकायों में भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। जिला मंडी में भी कांग्रेस ने सेंधमारी की है। जिला हमीरपुर के सुजानपुर में अन्य आगे रहे हैं। परिणाम घोषित होते ही अब नगर परिषद और नगर पंचायतों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के लिए जद्दोजहद शुरू हो गई है।चार नगर निगमों समेत 51 शहरी निकायों के लिए चुनाव हुए
रविवार को चार नगर निगमों समेत 51 शहरी निकायों के लिए चुनाव हुए। हालांकि, यह चुनाव पार्टी चिह्न पर नहीं थे, लेकिन प्रदेश सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा ने लगभग सभी निकायों में पार्टी समर्थित प्रत्याशी उतारे थे। जिन 51 नगर निकायों में चुनाव हुए, उनमें से 47 के नतीजे शाम को आ गए, जबकि चार नगर निगमों के परिणाम 31 मई को आएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार इस बार पहले की अपेक्षा 4 फीसदी कम मतदान हुआ है। वर्ष 2021 में 73 फीसदी और अब इस बार 69.16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चार नगर निगमों में 63.44 फीसदी मतदान हुआ है। रविवार को सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक 439 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ। हमीरपुर जिले में सबसे ज्यादा 78 फीसदी और सोलन में सबसे कम 64 फीसदी मतदान हुआ है। श्री नयनादेवी जी निकाय में सबसे ज्यादा 86 फीसदी मतदान हुआ है। काैन से जिले से किस पार्टी के समर्थित उम्मीदवार जीते
जिला बिलासपुर, ऊना और सोलन में नगर परिषद और नगर पंचायतों में भाजपा समर्थित, कांगड़ा, कुल्लू जिला में कांग्रेस समर्थित पार्षद सबसे ज्यादा जीतकर आए हैं। हमीरपुर के भोटा में कांग्रेस और व्यापार मंडल समर्थित निकाय जीते हैं जबकि सुजानपुर में अन्य सबसे ज्यादा सीटें लेकर आए हैं। शिमला जिले में भाजपा और कांग्रेस समर्थितों को तीन-तीन निकाय मिले हैं, जबकि यहां दो अन्य किंग मेकर बनेंगे। चंबा जिला के पांच निकायों में भाजपा, पांच में कांग्रेस समर्थित और एक निकाय में अन्य बहुमत में जीतकर आए हैं। जिला मंडी में तीन निकायों में कांग्रेस और दो में भाजपा और सरकाघाट में तीन-तीन सीटों पर दोनों दलों के समर्थित जीतकर आए हैं। एक सीट पर निर्दलीय जीता है। सिरमौर जिला में भाजपा-कांग्रेस बराबरी पर है। यहां भी अन्य जिसके साथ जाएगा वह निकाय में काबिज होगा। बता दें कि भाजपा ने नगर परिषदों एवं नगर निकायों में पार्टी समर्थित प्रत्याशी उतारे थे। कांग्रेस ने कुछ में ही प्रत्याशियों को समर्थन दिया है।
कहां ड्रॉ तो कहीं पर्ची से हुआ हार जीत का फैसला
सरकाघाट नगर परिषद के वार्ड नंबर-1 टटीह में हार जीत का फैसला ड्रॉ से हुआ। यहां रजनी कुमारी और मीरा को 87-87 वोट मिले। ड्राॅ के माध्यम से मीरा को विजेता घोषित किया गया। उधर, सोलन जिले में नगर परिषद परवाणू व नगर पंचायत अर्की में दो वार्डों में मुकाबला टाई हुआ। नगर पंचायत अर्की के वार्ड नंबर-5 में भाजपा समर्थित तारा गुप्ता और कांग्रेस समर्थित सीमा शर्मा को 83-83 वोट पड़े। पर्ची सिस्टम से कांग्रेस समर्थित सीमा की जीत हुई। नगर परिषद परवाणू के वार्ड नंबर-1 में भी भाजपा समर्थित नंदिनी सूद व कांग्रेस समर्थित मीनाक्षी के बीच मुकाबला टाई हुआ। दोनों को 128-128 मत पड़े। पर्ची सिस्टम से भाजपा समर्थित नंदिनी को विजयी घोषित किया गया।
हिमाचल प्रदेश मतदान प्रतिशत (जिला स्तर)
| जिला | मतदान फीसदी |
|---|---|
| हमीरपुर | 78.89% |
| ऊना | 77.0% |
| शिमला | 77.36% |
| सोलन | 76.94% |
| कांगड़ा | 74.51% |
| मंडी | 73.35% |
| बिलासपुर | 72.06% |
| कुल्लू | 67.80% |
| चंबा | 68.22% |
| सिरमौर | 67.24% |
नगर निगम / नगर परिषद मतदान प्रतिशत
| नगर निगम/परिषद | मतदान फीसदी |
|---|---|
| पालमपुर | 68.97% |
| मंडी | 68.78% |
| धर्मशाला | 60.01% |
| सोलन | 58.32% |
कांगड़ा, मंडी और कुल्लू में जनता ने जनसेवा की राजनीति पर लगाई मुहर
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा, मंडी और कुल्लू जिले की जनता ने जनसेवा की राजनीति पर मुहर लगाई है। सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिले की छह नगर परिषदों और नगर पंचायतों में कांग्रेस की शानदार जीत हुई है। देहरा, नूरपुर, कांगड़ा, ज्वालामुखी, शाहपुर, नगरोटा बगवां शहरी निकायों में कांग्रेस की जीत ने साबित कर दिया कि भाजपा की झूठ की राजनीति नहीं चलने वाली है। मंडी की जनता ने भी कांग्रेस सरकार की विकास और जनकल्याण की राजनीति पर अपना अटूट विश्वास जताया है।
यह सिर्फ ट्रेलर, 2027 में कांग्रेस की विदाई तय : बिंदल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि 25 नगर परिषदों में से 18 में भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। वहीं, 22 नगर पंचायतों में से 12 नगर पंचायतों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने एकतरफा जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस मंत्रियों एवं विधायकों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भाजपा की जीत यह साबित करती है कि जनता कांग्रेस सरकार की नाकामियों से त्रस्त हो चुकी है। यह केवल ट्रेलर है। 2027 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की विदाई तय है।
विनय का दावा : कांग्रेस समर्थित 32 उम्मीदवार जीते
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने नगर निकाय चुनाव परिणामों को कांग्रेस की नीतियों और कार्यशैली पर जनता की मुहर बताया है। हिमाचल के लोगों ने सत्ता के सेमीफाइनल में भाजपा को कड़ा संदेश देते हुए कांग्रेस को बहुमत दिया है। विनय ने दावा किया कि 47 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में से 32 में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को बढ़त मिली है। जबकि सात अन्य उम्मीदवारों का समर्थन भी कांग्रेस के पक्ष में है। इस तरह 39 निकाय कांग्रेस के समर्थन में आते दिख रहे हैं।
देवभूमि की जनता ने प्रदेश की भ्रष्ट कांग्रेस सरकार को नकारा: जेपी नड्डा
देवभूमि हिमाचल प्रदेश में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की प्रचंड जीत के लिए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल और हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। देवभूमि की जनता ने प्रदेश की भ्रष्ट कांग्रेस सरकार को सिरे से नकारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा पर अपना विश्वास जताया है। नड्डा ने नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भाजपा को जनाधार के लिए हिमाचल की जनता का आभार जताया।
