भोटा में तीन दंपती में से दो को मिली हार; शिमला में ससुर बने पार्षद, बहू भी बनी विजेता

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हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की नगर पंचायत भोटा के चुनाव परिणाम इस बार कई दिलचस्प सियासी संदेश छोड़ गए। खास तौर पर चुनाव मैदान में उतरी दंपती जोड़ियों को मिले जनादेश ने पूरे क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। सात वार्ड वाली नगर पंचायत में तीन दंपती चुनावी मैदान में उतरे थे, लेकिन इनमें से केवल एक जोड़ी में पत्नी ही जीत गई, जबकि पति हार गए। बाकी दो दंपतियों को हार का सामना करना पड़ा। नगर पंचायत भोटा के चुनाव में व्यापार मंडल भोटा और कांग्रेस के साझा मोर्चे की भूमिका भी अहम रही। साझा मोर्चे के प्रमुख और व्यापार मंडल भोटा के प्रधान सन्नी शर्मा वार्ड नंबर-दो से चुनाव मैदान में थे, लेकिन बेहद कांटे के मुकाबले में उन्हें भाजपा समर्थित प्रत्याशी अश्वनी सोनी के हाथों महज आठ मतों के अंतर से हार झेलनी पड़ी।

सन्नी शर्मा की पत्नी मनोरमा शर्मा ने जीत दर्ज कर परिवार की साख बचाई

हालांकि इसी परिवार के लिए राहत की खबर वार्ड नंबर-चार से आई, जहां सन्नी शर्मा की पत्नी मनोरमा शर्मा ने जीत दर्ज कर परिवार की साख बचा ली। भोटा चुनाव में यह सबसे चर्चित परिणामों में शामिल रहा, जहां पति हार गए लेकिन पत्नी जीत गई। वार्ड सात में कांग्रेस नेता और नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शरण प्रसाद भी जीत हासिल नहीं कर सके। उन्हें भाजपा समर्थित प्रत्याशी अनिल ने 27 मतों के अंतर से हराया। वहीं, उनकी पत्नी और नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष सर्वजीत कौर वार्ड नंबर-तीन से चुनाव मैदान में थीं, लेकिन बेहद करीबी मुकाबले में महज चार मतों के अंतर से जीत से चूक गईं। एक और चर्चित मुकाबला वार्ड नंबर-पांच में देखने को मिला। यहां भाजपा समर्थित प्रत्याशी ज्योति धीमान को साझा मोर्चे की रंजना कतना ने महज नौ मतों के अंतर से शिकस्त दी। ज्योति धीमान के पति और नपं के पूर्व उपाध्यक्ष संजय धीमान वार्ड सात से चुनाव मैदान में उतरे थे, लेकिन 40 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। 

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