हिमाचल प्रदेश : एम्स बिलासपुर में 69 डॉक्टरों की भर्ती, फैकल्टी की कमी वाले विभागों में घटेगा काम का दबाव

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एम्स बिलासपुर में सीनियर रेजिडेंट के 69 पद भरने की प्रक्रिया से आने वाले समय में मरीजों के लिए विशेषज्ञ सेवाएं मजबूत होने की उम्मीद है। इनमें ब्रॉड स्पेशलिटी के 42 और सुपर स्पेशलिटी के 27 पद हैं। भर्ती के बाद यदि सभी पद भर जाते हैं तो उन विभागों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, जहां मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण मौजूदा फैकल्टी पर काम का दबाव रहता है। 

नए सीनियर रेजिडेंट मिलने से विभागीय काम बंटेगा और मरीजों को विशेषज्ञ सेवाएं समय पर मिलने की संभावना बढ़ेगी। ब्रॉड स्पेशलिटी के 42 पदों में एनेस्थीसिया के 10, रेडियोडायग्नोसिस के पांच, जनरल मेडिसिन और ट्रॉमा एंड इमरजेंसी के चार-चार पद हैं। जनरल सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, न्यूक्लियर मेडिसिन और माइक्रोबायोलॉजी के दो-दो पद हैं। डर्मेटोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, साइकियाट्री, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री, सीएमएफ, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, पैथोलॉजी, फिजियोलॉजी और रेडियोथेरेपी में एक-एक पद है। इनमें 13 पद अनारक्षित, 17 ओबीसी, पांच एससी, तीन एसटी और चार ईडब्ल्यूएस श्रेणी के हैं।

सुपर स्पेशलिटी के 27 पदों में कार्डियोलॉजी, सीटीवीएस, क्रिटिकल केयर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक्स सर्जरी, पल्मोनरी मेडिसिन, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और यूरोलॉजी के दो-दो पद हैं। बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी, एंडोक्रिनोलॉजी, गायनी ऑन्कोलॉजी, नियोनेटोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर और रूमैटोलॉजी में एक-एक पद है। इनमें 15 पद अनारक्षित, छह ओबीसी, चार एससी और दो एसटी श्रेणी के हैं। एम्स में आने वाले मरीजों के लिए इन पदों का भरना इसलिए अहम है क्योंकि विशेषज्ञ विभागों में मरीजों का दबाव अधिक रहता है।

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