शिक्षा स्तर में सुधार के लिए एनसीईआरटी की टीम करेगी प्राथमिक स्कूलों का मूल्याकंन

NCERT team will evaluate primary schools to improve education level

शैक्षणिक सत्र 2025-26 के शुरुआत के साथ ही प्राथमिक स्कूलों का व्यापक मूल्यांकन होगा। अप्रैल में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली की टीम प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों का रैंडम निरीक्षण करेगी। इस दौरान टीम विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रदर्शन का आकलन करेगी। शिक्षकों से कार्यशालाओं में सीखे नवाचारों और शिक्षण तकनीकों को कक्षा में लागू करने से जुड़े अनुभवों पर चर्चा की जाएगी। सर्वे टीम विशेष रूप से निपुण भारत मिशन के तहत चल रहे कार्यक्रमों और कार्यशालाओं की समीक्षा करेगी। इसका उद्देश्य यह जानना होगा कि इन प्रयासों से विद्यालयों में शिक्षा का स्तर कितना बेहतर हुआ है। निपुण भारत मिशन केंद्र सरकार और राज्य शिक्षा विभाग की योजना है। इसका लक्ष्य वर्ष 2027 तक सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को बुनियादी शिक्षा और संज्ञानात्मक कौशल में दक्ष बनाना ह

विद्यार्थियों से भाषा, अंकगणित के पूछे जाएंगे सवाल
निरीक्षण के दौरान पहली और दूसरी के विद्यार्थियों से भाषा एवं अंकगणितीय क्षमताओं को लेकर सवाल पूछे जाएंगे। इससे उनकी शैक्षणिक समझ को परखा जा सकेगा। सर्वे टीम बाल वाटिका एक, दो और तीन के तहत प्री-प्राइमरी कक्षाओं में सिखाए विषयों और स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम के प्रभावों का भी आकलन करेगी। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि प्रारंभिक शिक्षा के दौरान बच्चों को सिखाई अवधारणाएं कितनी प्रभावी साबित हुई हैं।

जिला स्तर पर तैयार होगी विस्तृत रिपोर्ट
सर्वेक्षण के बाद प्रत्येक जिले में विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर और शिक्षकों के शिक्षण कौशल पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग प्राथमिक स्कूलों में पड़ाई को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए नए कार्यक्रम लागू करेगा, जिससे विद्यार्थियों को सीखने में अधिक सुविधा मिले।

प्राथमिक स्कूलों का मूल्यांकन होगा। अप्रैल में एनसीईआरटी की टीम रैंडम तरीके से प्राथमिक स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों और अध्यापकों निरीक्षण करेगी।

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