अब 146 जेओए आईटी को बोर्ड और निगमों में मिलेगी नौकरी, चयन आयोग ने सरकार को भेजी फाइल

Now 146 JOA IT will get jobs in boards and corporations, the selection commission has sent the file to the gov

जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) पोस्ट कोड-939 भर्ती प्रक्रिया में एक नया मोड़ आया है। बिजली बोर्ड की ओर से चयनित 148 अभ्यर्थियों को नौकरी देने में असमर्थता जताने के बाद अब इन अभ्यर्थियों को राज्य सरकार के पांच अन्य बोर्डों और निगमों में समायोजित किया जाएगा। जेओए आईटी के 295 पदों को भरने की प्रक्रिया वर्ष 2022 से चल रही है। 24 अप्रैल 2022 को आयोजित लिखित परीक्षा में 1.18 लाख आवेदकों में से 68 हजार ने भाग लिया था। हालांकि, दिसंबर 2022 में पेपर लीक का मामला सामने आने के कारण इस भर्ती का अंतिम परिणाम लगभग दो वर्षों तक घोषित नहीं किया जा सका।

परिणाम घोषित करने के लिए सरकार से अनुमति मिलने के बाद एक अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न हो गई जब बिजली बोर्ड ने 148 पदों को भरने में अपनी असमर्थता व्यक्त की। जबकि इसी पोस्ट कोड के तहत अन्य विभागों में पदों पर अभ्यर्थियों को पहले ही नियुक्त किया जा चुका है। राज्य चयन आयोग की ओर से चयनित अभ्यर्थियों की सिफारिश और आवश्यक दस्तावेज बिजली बोर्ड को सौंप दिए गए थे, लेकिन बोर्ड के इन्कार के बाद यह मामला राज्य सरकार के समक्ष रखा गया। राज्य सरकार ने स्थिति पर संज्ञान लेते हुए 148 अभ्यर्थियों को अन्य बोर्डों और निगमों में समायोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

इनमें हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग का कॉरपोरेशन निगम, एचपीएमसी, एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड शामिल हैं। राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने इन चयनित अभ्यर्थियों को अप्रैल के पहले सप्ताह तक अपनी प्राथमिकताएं (ऑप्शन) जमा करने का समय दिया था। अभ्यर्थियों से उनकी पसंद प्राप्त होने के बाद, आयोग ने पात्र अभ्यर्थियों को बोर्ड और निगम आवंटित कर दिए हैं। इस आवंटन की सूची मंगलवार को राज्य सरकार यानी कार्मिक विभाग को भेज दी गई है। अब इन बोर्डों और निगमों में नियुक्ति की औपचारिक सिफारिश राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। इस घटनाक्रम से दो वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा समाप्त होने की उम्मीद है।

राज्य सरकार की ओर से आयोग को अभ्यर्थियों से ऑप्शन लिस्ट लेने का कार्य सौंपा गया था। अभ्यर्थियों से उनकी प्राथमिकताएं प्राप्त कर बोर्ड और निगम का आवंटन करने के बाद सूची सरकार को भेज दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *